Wed. Apr 24th, 2019

स्टूडेंट आर्टिस्टों की कलाकृतियों के रंगों से खिल उठी कला दीर्घा

60 विद्यार्थियों की 216 कृतियां प्रदर्शित

जयपुर, 13 अप्रैल। कलाकृतियां हमें समझ के साथ दृष्टि तो देती ही हैं, कुछ अर्थों में जीवन जीने का नया अर्थ भी देती हैं। ऐसी ही कलाकृतियों का मिश्रण आरयू के ड्राइंग एंड पेंटिंग डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय एनुवल आर्ट एग्जीबिशन ‘द स्ट्रोक में देखने को मिला। एमए सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर के 60 स्टूडेंट्स ने 216 पेंटिंग्स में वुडकट, लाइफ स्टडी, तैलचित्र, एचिंग, ग्राफिक प्रिंट, पोर्ट्रेट, लैंडस्केप और म्यूरल्स को डिसप्ले किया।
यूनिवर्सिटी के ड्राइंग एंड पेंटिंग डिपार्टमेंट के फाइनल ईयर स्टूडेंट जयकिशन सिंह ने सेल्फ पोर्टे्रट तैयार किया है। जिसमें ऑयल ऑन कैनवास टेक्निक से एक साधू को गंगाघाट के किनारे विचार मुद्रा में नंदी के साथ दिखाया गया है। बैकग्राउंड में मंदिर को दर्शाया है। हॉग हेयर ब्रश से तैयार ये रियलिस्टिक सेल्फ पोर्ट्रेट आर्ट स्ट्रोक्स, शेप आर्ट टेक्निक और रंगों के कम्पोजिशन को हाईलाइट करता है। आर्टिस्ट निधि शर्मा ने पेपरमेशी से बनाई कलाकृति में कपल के माध्यम से जीवन के रंग को दिखाने का अच्छा प्रयास किया और बताया कि किस तरह जीवन साथी एक दूसरे के प्रति समर्पित होने के बाद भी वेदनाओं में जलते है। निधि ने आरयू के वाइस चांसलर प्रो. आर.के. कोठारी को पोट्रेट बना कर भेंट की। वही दीबा खान ने फ्लाइ लाइक ए गीगल टाइटल से बनाई पेंटिंग में बाज के माध्यम से दिखाया है कि गोल निश्चित हो तो लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। बाज की तरह मनुष्य चाहे कितनी ही उंचाई पर चले जाए लेकिन उसे अपना मकसद मालूम होना चाहिए। पूजा प्रजापत ने पेंटिंग शीट के टुकड़ों से बनाए कोलाज में अपने आर्टिस्ट के जीवन में रंग भरने की कौशिश की है। आशुतोष ने लैंडस्कैप, विलास ने बनीठनी, शिवानी वसुनीता की बनाई कलाकृतियां भी आकर्षण का केन्द्र रही। प्रदर्शनी के दौरान शुक्रवार को एफ एम हुसैन की मूवी थ्रो द आइज ऑफ ए पेंटर व पिकासो की डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी को डॉ.आईयू खान ने क्यूरेट किया है। ललित कला अकादमी ने आरयू के स्टूडेंट के हुनर को प्रदर्शित करने के लिए ने कला दीर्घा व सभागार नि:शुल्क उपलब्ध करवाया है।