September 19, 2020

स्पीकर को मामला तय करने के आदेेश जारी

हाईकोर्ट का फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने भी निरस्त की याचिका

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 24 अगस्त। बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा विधायक मदन दिलावर की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को निरस्त कर दिया है। इन दोनों फैसलों को बसपा विधायकों समेत गहलोत सरकार के लिए राहत माना जा रहा है। आज सुबह कोर्ट खुलते ही राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस महेन्द्र गोयल की कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए कहा कि इस मामले में स्पीकर सुनवाई करें। इस मामले को लेकर बसपा और बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पिछले दिनों ही इस मामले में सुनवाई पूरी हुई थी लेकिन उसके बाद हाईकोर्ट में कोरोना संक्रमण के केस आने के कारण कार्य स्थगित कर दिया गया था। इसलिये फैसला नहीं सुनाया जा सका था।

सभी पक्ष जुड़े वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए
कोविड-19 के चलते हाईकोर्ट में सोमवार से केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही सुनवाई हुई। किसी भी अधिवक्ता को कोर्ट में फिजिकली पैरवी करने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में इस केस से जुड़े सभी अधिवक्ता अदालत से वर्चुअली जुड़े। मामले में स्पीकर, बसपा, मदन दिलावर, कांग्रेस और बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए सभी 6 विधायकों के अधिवक्ता वर्चुअली उपस्थित रहें।

लिखवाया था फैसला
इससे पहले 14 अगस्त को जस्टिस महेंद्र गोयल की अदालत ने सुबह 10.30 बजे मामले की सुनवाई शुरू की थी जो शाम 3 बजकर 18 मिनट तक चली। उसके बाद जस्टिस गोयल ने सभी पक्षों की बहस को शामिल करते हुए फैसला लिखवाना शुरू किया लेकिन 1 घंटे 22 मिनट तक लगातार फैसला लिखवाने के बाद समयाभाव के कारण कोर्ट ने 17 अगस्त तक के लिए सुनवाई टाल दी थी। उसके बाद हाईकोर्ट में कोरोना मामले मिलने से सुनवाई पूरी तरह से स्थगित कर दी गई थी जिसके कारण 17 अगस्त को फैसला नहीं आ सका।

ये है पूरा मामला
बसपा के टिकट पर चुनाव जीते 6 विधायकों ने 16 सितंबर 2019 को स्पीकर सीपी जोशी के सामने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए एक प्रार्थना पत्र पेश किया जिसे स्वीकार करते हुए स्पीकर ने 18 सितम्बर 2019 को विलय को मंजूरी दे दी। इस विलय को भाजपा विधायक मदन दिलवार की ओर से हाईकोर्ट के एकलपीठ के समक्ष चुनौती दी गई थी।