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स्मार्ट गांव में सभी स्वावलम्बी हो – राज्यपाल

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 9 नवम्बर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव ही स्मार्ट बन सकता है। इसके लिए सभी ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट गांव के सभी लोगों को स्वावलम्बी होना भी आवश्यक है। मिश्र ने कहा कि ग्रामवासियों को स्वावलम्बी बनाने में विश्वविद्यालय को अग्रणी भूमिका निभानी होगी।राज्यपाल एवं कुलाधिपति मिश्र शुक्रवार को जोधपुर जिले में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव नान्दडा कल्ला में ग्रामीणों को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल कलराज मिश्र और प्रदेश की प्रथम महिला सत्यवती मिश्र ने गांव में चिली का पौधा लगाया। राज्यपाल मिश्र ने गांव में विश्वविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राज्यपाल मिश्र गांव में लगभग दो घंटे तक रहे। विश्वविद्यालय ग्रामवासियों को रोजगार का प्लेटफार्म उपलब्ध कराएं राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक और अधिकारी गांव में प्रतिभाओं को तलाशे और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनकी प्रतिभा के अनुसार प्लेटफार्म उपलब्ध कराएं। राज्यपाल ने कहा कि गांव में सिलाई-बुनाई, मोबाइल मरम्मत, सोयाबीन से दूध व पनीर बनाने जैसे छोटे-छोटे उद्योग आसानी से लगाये जा सकते है। जोधपुर सूर्य नगरी है, यहां के गांवों को सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि विश्वविद्यालय हर ढाई वर्ष में नया गांव गोद ले। गांव में आधारभूत ढांचा विकसित करे। गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। यह गांव की आधारभूत आवश्यकताएं है। मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय को गांव के खेतों की मिट्टी का परीक्षण करा कर संबंधित किसान को उसके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

ग्रामवासियों के पास राज्यपाल मिश्र स्वयं गए
राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंच से ग्रामवासियो को सम्बोधित किया और फिर मंच से उतर कर स्वयं लोगोंं के बीच पहुंचे। मिश्र ने ग्रामवासियों से कहा कि लोग अपने स्थान पर बैठे रहे, वे स्वयं उनके पास आकर बात करेंगे। राज्यपाल मिश्र सबसे पहले गांव के विद्यालय के बालक-बालिकाओं के पास गये, उनसे नाम पूछा, स्कूल-परिवार की जानकारी ली और पढ़ाई के बारे में चर्चा की। राज्यपाल मिश्र ने गांव की चौपाल पर बने पांडाल में बैठे एक-एक व्यक्ति के पास जाकर बात की। राज्यपाल मिश्र की इस पहल से ग्रामवासी रोमांचित हुए। सभी ग्रामवासियों ने राज्यपाल से अपने मन की बात की। राज्यपाल ने भी सभी लोगों को धैर्यपूर्वक सुना और उनकी समस्या के निस्तारण के लिए विश्वास जताया।