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स्वच्छता की आइकॉन बुलेट वाली पार्षद, उदयपुर को स्वच्छ शहर बनाने की ख्वाहिश

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 14 जनवरी। हेलमेट लगाए बुलेट पर सवार एक युवती जब उदयपुर शहर की सफाई को लेकर लोगों को जागरूक करती दिखाई दे तो यकीनन वह वार्ड 27 की पार्षद डॉ. सोनिका जैन ही होगी। वह उदयपुर में स्वच्छता अभियान के लिए आइकॉन बन चुकी हैं। शहर के सैकड़ों लोगों को वह स्वच्छता की शपथ दिला चुकी है। शहर के वार्ड 27 की भाजपा पार्षद डॉ. सोनिका जैन नगर निगम में विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष भी हैं। एलएलबी के बाद कानून प्रबंध में पीएचडी कर चुकी सोनिका अकसर बुलेट से अपने वार्ड में दौरा कर स्वच्छता को लेकर अभियान छेड़े हुए हैं। वह अपने सहयोगिओं के साथ मिलकर स्वयं सफाई व्यवस्था में जुड़ी रहती हैं। स्वयं शहर की सफाई में हाथ बंटाती हैं, ताकि दूसरे लोग भी उनके इस अभियन में जुड़े। वह हर दिन लोगों को स्वच्छता रखने के लिए लोगों को शपथ दिलाती हैं और अपने क्षेत्र के हर छोटे-बड़े दुकानदार को अपने अभियान में सहयोग करने के लिए जोड़ती हैं। उनके इस अभियान का असर है कि वार्ड 27 में एक भी ठेलाचालक या अन्य छोटा-बड़ा दुकानदार नहीं है, जिसने अपने यहां डस्टबिन नहीं रखा हो। डॉ. सोनिका कहती हैं कि यदि हम कचरा फैलाने की प्रवृत्ति को रोक लेंगे तो सफाई करने में हमें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। इस अभियान में उनको पूर्व पार्षद सत्यनारायण मोची तथा अन्य लोग उनकी मदद में जुटे हैं। वार्ड 27 उदयपुर के प्रमुख वार्डों में शामिल हैं,यहीं सिटी सब सेंटर तथा फल-सब्जी मंडी का करीबी क्षेत्र है। यहीं से निजी बसों का संचालन होता है। जिसके चलते यहां स्वच्छता को लेकर विशेष जागरूकता की जरूरत महसूस की जाती है। डॉ. सोनिका के प्रयासों से इस क्षेत्र में स्थित सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों ने भी अपने आसपास क्षेत्र में साफ-सफाई का जिम्मा लिया हुआ है। डॉ. सोनिका कहती हैं कि वह लोगों को स्वच्छता के लिए कठोर होना होगा। जो कचरा फैलाता है, उसे टोकना होगा। भले ही वह एकबारगी नाराज हो जाए लेकिन वार्ड और शहर की सफाई प्राथमिकता रखनी होगी। उन्होंने कहा कि वार्ड के साथ वह शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर सक्रिय हैं। उदयपुर को इंदौर की भांति स्वच्छ बनाना उनकी प्राथमिकता और जिद है। उनके बुलेट मोटरसाइकिल के शौक को लेकर कहती हैं कि जब वह कॉलेज जाती थी, तब बुलेट से जाती थी। आज भी जब कभी मौका मिलता है बुलेट लेकर ही निकलती है। कार की बजाय बुलेट लेकर जाने में ज्यादा आसानी रहती है।