November 23, 2020

हार्ट अटैक से मौत का खतरा कम करती है मछली और अखरोट

हृदय रोगों को रोकना चाहते हैं या हार्ट अटैक के बाद मौत का खतरा घटाना चाहते हैं तो मछली, अखरोट, सोयाबीन और बादाम खाएं। ऐसा खानपान दिल को दुरुस्त रखता है। इस पर वैज्ञानिकों ने भी मुहर लगाई है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में पब्लिश रिसर्च कहती है, रोजाना डाइट में ओमेगा-3 आइकोसा-पेंटानोइक एसिड और अल्फा-लिनोलिक एसिड की ज्यादा मात्रा वाला खाना खाते हैं तो दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
रिसर्च करने वाले अमेरिकी वैज्ञानिकों के मुताबिक, ओमेगा-3 आइकोसा-पेंटानोइक एसिड और अल्फा-लिनोलिक एसिड में ऐसी खूबियां होती हैं जो दिल को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं। यह रिसर्च हार्ट अटैक के 944 सीरियस मरीजों पर की गई। ये ऐसे मरीज थे जिनमें हार्ट की मेजर आर्टरी ब्लॉक थी। रिसर्चर डॉ. एलेक्स साला-विला के मुताबिक, रिसर्च के दौरान 78 फीसदी पुरुषों को हॉस्पिटल में भर्ती करने के दौरान उनके ब्लड सैंपल लिए गए। ब्लड में ओमेगा-3 का स्तर देखा गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन मरीजों में हार्ट अटैक के समय ओमेगा-3 का लेवल ज्यादा था उनकी हालत कम बिगड़ी। जिन मरीजों में ओमेगा-3 आइकोसा-पेंटानोइक एसिड और अल्फा-लिनोलिक एसिड की मात्रा ज्यादा रही, उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाने की आशंका कम हो गई।

हेल्दी हार्ट के लिए ये चीजें खाएं
रिसर्च कहती है कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए साल्मन मछली, अलसी, अखरोट, सोयाबीन और बादाम खा सकते हैं। अमेरिका में लोगों के मौत की सबसे बड़ी वजह हार्ट अटैक है। हर 40 सेकंड में एक इंसान की मौत हार्ट अटैक से हो रही है। 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में से 36 फीसदी पुरुष और 47 फीसदी महिलाएं एक बार हार्ट अटैक का सामना कर चुकी हैं। अगर अगले पांच सालों में दूसरी बार ऐसा हुआ तो इनकी मौत हो जाएगी।

3 रिसर्च बताती हैं कि कोरोना के निशाने पर हार्ट भी है
हृदय रोगी पहले से कोरोना के रिस्क जोन में हैं, लेकिन रिकवरी के बाद भी इसका असर हार्ट पर बरकरार रहता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट कहती है, कोरोना से रिकवर हो चुके मरीजों के हार्ट पर गहरा असर पड़ा है। संक्रमण के इलाज के बाद इनमें सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं। हार्ट के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ रहा है। यह लम्बे समय तक दिखेगा। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, कोरोना से रिकवर होने वाले 100 में से 78 मरीजों के हार्ट डैमेज हुए और दिल में सूजन दिखी। रिसर्च कहती है, जितना ज्यादा संक्रमण बढ़ेगा, भविष्य में उतने ज्यादा साइड-इफेक्ट का खतरा बढ़ेगा। ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक, कोरोना से रिकवर होने वाले हर 7 में से 1 मरीज हार्ट डैमेज से जूझ रहा है। यह सीधे तौर पर उनकी फिटनेस पर असर डाल रहा है।

हार्ट को खानपान से रखें हेल्दी

खानपान: मोटा अनाज और कम मीठे फल लें। गेहूं की रोटी की जगह बाजरा, ज्वार या रागी अथवा इनका आटा मिलाकर बनाई रोटी खाएं। आम, केला, चीकू जैसे ज्यादा मीठे फल कम खाएं। इनके बजाय पपीता, कीवी, संतरा जैसे कम मीठे फल खाएं। तली और मीठी चीजें जितना कम कर दें, उतना बेहतर है। जितनी भूख से उससे 20 फीसदी कम खाएं और हर 15 दिन में वजन चेक करते रहें।

वर्कआउट
45 मिनट की एक्सरसाइज या वॉक जरूरी: सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट तक कसरत करें। वॉकिंग भी करते हैं तो असर दिखता है। दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह मोटापा है। वजन जितना बढ़ेगा और हृदय रोगों का खतरा उतना ज्यादा रहेगा। फिटनेस को इस स्तर पर लाने का प्रयास करें कि सीधे खड़े होने पर जब आप नीचे नजरें करें तो बेल्ट का बक्कल दिखे। अगर एक से डेढ़ किलोमीटर जाना है तो पैदल जाएं।

लाइफस्टाइल
रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें। जल्दी सोने और जल्द उठने का रूटीन बनाएं। रात 10 से सुबह 6 बजे तक सोने का सही समय है। इससे शरीर नाइट साइकिल में बेहतर आराम कर सकेगा। तनाव लेने से बचें, इसका सीधा असर दिमाग और दिल पर होता है।

धूम्रपान-अल्कोहल
धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें। लगातार धूम्रपान करने से उसका धुआं धमनियों की लाइनिंग को कमजोर करता है। इससे धमनियों में वसा के जमा होने की आशंका और भी बढ़ जाती है। इसी तरह अल्कोहल से दूरी बना लेते हैं तो हार्ट हेल्दी रहेगा। दुनियाभर में सबसे ज्यादा मौतें हृदय रोगों से होती हैं। दुनियाभर में हर 3 में से 1 मौत हृदय रोग से हो रही है। इसके 80 फीसदी मामले मध्य आय वर्ग वाले देशों में सामने आते हैं।