August 14, 2020

11 लाख पशुओं को जारी होंगे आधार नंबर, बारकोड स्कैन से मिलेगी पूरी जानकारी

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 18 जुलाई। उदयपुर के पशुपालन विभाग ने पशुओं की पहचान के लिये टैगिंग सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत गाय-भैंसों के कान पर टैग लगाया जा रहा है। आम नागरिक के आधार कार्ड की तरह ही टैग पर अंकित 12 डिजिट का यह यूनिक नंबर ही पशु की पहचान होगा। इसमें पशु से जुड़ी सभी जानकारी होगी। ् पशुपालन विभाग ने इसके लिये बड़े स्तर पर कार्य शुरू भी कर दिया है। उदयपुर जिले में 11 लाख गाय-भैंस पर यह टैगिंग की जाएगी। इनमें से अब तक 1 लाख 40 हजार पशुओं को यूनिक नंबर दे दिये गये हैं।

टैगिंग में 400 कर्मचारी जुटे: पशुपालन विभाग की ओर से इन्फार्मेशन नेटवर्क फॉर एनिमल प्रॉडक्टिविटी एंड हैल्थ (इनाफ) योजना के तहत सभी पशुओं के लिये 12 डिजिट का नंबर जारी किया जा रहा है। यह यूनिक नंबर ही अब उस पशु की पहचान होगी। उसका पुरा डेटा इनाफ सॉफ्टवेयर में रजिस्टर्ड भी होगा। उदयपुर जिले में पशुपालन विभाग के 400 कर्मचारी टैगिंग के कार्य को जल्द पूरा करने में जुटे हैं। इसके लिये पशुओं की पूरी जानकारी जुटाने के बाद उसे इनाफ साफ्टवेयर में अपलोड किया जा रहा है। इस नंबर के आधार पर पशु के मालिक,पशु की टीकाकरण की स्थिति और नस्ल आदि सभी जानकारियां सोफ्टवेयर में मिल सकेगी। इससे अब पशुओं की खरीददार घर बैठे ही पशु के बारे में पूरी जानकारी जुटा सकेंगे।

बारकोड स्कैन से मिलेगी जानकारी
पशुओं के कान पर लगाये जा रहे टैग के साथ एक बारकोड भी लगाया जा रहा है। इनाफ से बारकोड स्केन करते ही पशु से संबंधित पूरी जानकारी सामने आ जायेगी। उदयपुर के 14 लाख पशुओं में से 11 लाख पशुओं पर टैगिंग की जा रही हैं। चार साल से बड़े पशुओं पर यह टैगिंग की जा रही है। इनाफ सोफ्टवेयर में अंकित किये जा रहे इस डेटा से पुलिस को भी यदि किसी पशु को उसके मालिक तक पहुंचाना है तो उसे पूरी मदद मिल सकेगी। यदि कोई चोरी के पशु को अन्यत्र कहीं छोड़ जाता है तो पुलिस इस आधार सोफ्टवेयर के माध्यम से उस पशु को उसके मालिक तक पहुंचा सकती हैं। इससे राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।