September 23, 2020

130 साल पुराने मगरमच्छों से पानी ने निकाला बैर

बारिश के पानी से हालत हुई खराब

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 5 सितम्बर। एक कहावत है कि पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर मोल नहीं लेना चाहिए लेकिन उन मगरमच्छों का क्या होगा जिनसे पानी दुश्मनी निकाल ले। सुनने में भले ही यह अजीब सा लगे लेकिन ऐसा ही कुछ हुआ है राजस्थान की राजधानी जयपुर में। यहां मगरमच्छों से पानी ने अपना बैर निकाल लिया।
जयपुर के प्रसिद्ध अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में दो मगरमच्छों की बॉडी को पिछले 130 साल से टेक्सीडर्मी के जरिये तहखाने में सुरक्षित रखा गया है। इनमें से एक मगरमच्छ 12 फीट तो दूसरा करीब 9 फीट लंबा है लेकिन जयपुर में गत 14 अगस्त को हुई भारी बारिश से अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के तहखाने में भी पानी भर गया था। इससे वहां मौजूद हजारों पुरातात्विक महत्व वाली महत्वपूर्ण पुरा संपदाओं को नुकसान पहुंचा है और वे नष्ट होने के कगार पर आ गई हैं। पानी द्वारा मचाई गई इस तबाही की चपेट में ये दोनों मगरमच्छ भी आ गए। तहखाने से पानी निकालने के बाद पता चला कि मगरमच्छों के शरीर पर पानी लगने से उनकी खाल में फंगस लग गई है। बताया जाता है कि जयपुर के पास रामगढ़ बांध में 130 साल पहले इन मगरमच्छों का शिकार किया गया था। दोनों मगरमच्छों को अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को दे दिया गया था। तब से इनको टेक्सीडर्मी तकनीक के जरिये संभाल कर रखा गया है।

विशेषज्ञ करेंगे जांच
काफी समय तक इन्हें पहली मंजिल पर डिस्प्ले में रखा गया था लेकिन कुछ समय पहले इन्हें बेहतर डिस्पले देने के लिए तहखाने में रखा गया था। बारिश के पानी ने इनसे अपना बैर निकाल लिया। मगरमच्छों को नुकसान से बचाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। इविशेष तौर पर आर्ट एंड एंटीक्यूटी कंजरवेशन विशेषज्ञों को बुलाया गया है ताकि मगरमच्छों को पूरी तरह से खराब हाने से बचाया जा सके।