October 26, 2020

2 लाख से ज्यादा अपात्र ने उठाया लाभ, अब होगी वसूली

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में घोटाला

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 16 अक्टूबर। राजस्थान में गरीबों और किसानों को संबल देने के लिये चलाई जा रही सरकारी योजनाओं में किस तरह बंदर बांट चल रही है, इसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं। खाद्य सुरक्षा योजना में सरकारी कर्मचारियों और अन्य अमीरों की सेंधमारी के साथ ही अब गरीब किसानों को केन्द्र सरकार की ओर से देय किसान सम्मान निधि योजना में भी बड़ा घोटाला सामने आया है। इस योजना में भी प्रदेश में करीब 2 लाख से ज्यादा साधन संपन्न और सरकारी कर्मचारी किसानों के हक पर डाका डालते हुये उनके हिस्से की करोड़ों रुपयों की राशि डकार गये और अन्नदाता देखता रह गया। राज्य सरकार के अनुसार पीएम किसान सम्मान निधि योजना में गरीब किसानों के हिस्से की राशि डकारने वाले इन 2 लाख से भी ज्यादा लोगों में कई अमीर किसान, सरकारी कर्मचारी और आयकरदाता शामिल है। इन 2 लाख से भी ज्यादा अपात्र लोगों ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपए ले लिए। पकड़ में आये इन अपात्र लोगों से पैसा वापस वसूला जा रहा है। यह मामला भी आधार कार्ड और पैन कार्ड के मिलान में सामने में आया है। जांच में कई अमीर किसानों, आयकरदाताओं और सरकारी कर्मचारियों के नाम पकड़ में आए हैं। इस योजना का भी आयकरदाता और सरकारी कर्मचारी लाभ नहीं ले सकते है।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को लिखी चि_ी
अब केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को चि_ी लिखकर अपात्र लोगों से किसान सम्मान निधि का पैसा वापस लेकर केंद्र द्वारा दिए गए एक डेडिकेटेड खाते में जमा करवाने को कहा है। जरूरतमंदों और किसानों के लिये संचालित इन योजनाओं की अपात्र लोगों द्वारा बेजा फायदा उठाने की कोशिश के बाद रिकवरी की प्रकिया फिलहाल केवल दो योजनाओं में ही शुरू हुई है। आगे चलकर यह मॉडल प्रत्येक सरकारी योजना में लागू हो सकता है। आधार और पैन कार्ड लिंक करने का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि इससे न केवल अपात्र पकड़ में आ रहे हैं बल्कि उनसे गलत तरीके से लिए गए फायदे की बाजार दर से वसूली भी हो रही है।

खाद्य सुरक्षा योजना में भी बड़ा गड़बड़झाला
उल्लेखनीय है कि हाल ही में खाद्य सुरक्षा योजना में भी बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। इस योजना में गरीबों को 2 रुपये किलो गेहूं और सस्ता राशन मुहैया कराया जाता है लेकिन, इस योजना में भी हजारों सरकारी कर्मचारियों और अपात्र लोगों ने सेंधमारी कर उनके हक का निवाला छीन लिया है। इस योजना में भी गड़बड़ करने वालों से वसूली शुरू हो चुकी है। राज्य सरकार के अनुसार अपात्र लोगों ने जितना भी राशन का गेहूं लिया है, उसकी 30 रुपए प्रति किलो के हिसाब से रिकवरी निकाली गई है। कई सरकारी कर्मचारियों को रिकवरी का नोटिस आ चुका है, वहीं कइयों से रिकवरी हो भी चुकी है।