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20 लाख से अधिक किसानों के ऋण माफ किए : गहलोत

अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 14 फरवरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते कहा कि पिछली सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक फायदे के लिए ऋण माफी योजना का ऐलान कर दिया और इसके लिए जरूरी 8 हजार करोड़ रुपए की जगह महज 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया और शेष 6 हजार करोड़ रुपए का भार हमारी सरकार पर छोड़ दिया। हमने इस भार को वहन करते हुए 20.21 लाख किसानों की 13,529 करोड़ रुपए की ऋण माफी अभी तक की है।

7 लाख नए किसानों को 1800 करोड़ के ऋण
गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है, जिसने सहकारी फसली ऋण ऑनलाइन पंजीयन एवं वितरण योजना में एक साल में ही 8 लाख नये किसानों को पहली बार जोड़ा है। आधार नम्बर से लिंक होने और सत्यापन के बाद वास्तविक किसानों को ऋण का लाभ मिल रहा है। राज्य में 7 लाख नये किसानों को करीब 1800 करोड़ रुपए का सहकारी फसली ऋण दिया गया है।

अब तक कुल 8 हजार 497 करोड़ का फसली ऋण वितरित
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ-2019 में 18 लाख 20 हजार किसानों को 4 हजार 583 करोड़ रुपए और रबी 2019-20 में 10 फरवरी 2020 तक 13 लाख 29 हजार किसानों को 3 हजार 913 करोड़ रुपए का फसली ऋण वितरित किया जा चुका है। इस प्रकार अब तक कुल 8 हजार 497 करोड़ के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब केन्द्र सरकार बड़े-बड़े उद्योगपतियों के ऋण वन टाइम सेटलमेंट के जरिए माफ कर सकती है तो किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों के छोटे-छोटे ऋण क्यों नहीं? गहलोत ने कहा कि प्रदेश में पहली बार समर्थन मूल्य में भुगतान की सुगम एवं त्वरित व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के डेढ़ लाख किसानों से मूंग, उड़द, सोयाबीन व मूंगफली की 3 लाख 8 हजार मीट्रिक टन की खरीद की गई है।

रिफाइनरी प्रोजेक्ट के 20372 करोड़ के कार्यादेश जारी
गहलोत ने रिफाइनरी को लेकर पूर्ववर्ती सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘जमीन हमारी, पानी हमारा और तेल हमारा, फिर भी 26 प्रतिशत ही भागीदारी क्यों? रिफाइनरी को पांच साल तक लटकाए रखा गया। इसे लटकाए नहीं रखते तो राजस्थान को अब तक रिफाइनरी का लाभ मिलने लग जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बाड़मेर रिफाइनरी की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। करीब 44 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना में से 20,372 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 2679 करोड़ रुपए का काम तो पूरा भी कर लिया गया है।

पुलिस सुधार के हमारे प्रयासों का वेलकम करे प्रतिपक्ष
अशोक गहलोत ने कहा कि हमने थाने पर एफआईआर दर्ज नहीं होने की स्थिति में एसपी ऑफिस में एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू कर दी है। इससे अब एफआईआर दर्ज हो रही है और लोगों को न्याय मिल रहा है। पूरे प्रदेश में एसपी ऑफिस में 187 एफआईआर दर्ज की गई हैं। एफआईआर की संख्या बढऩे की हमें चिंता नहीं है, हमारा मकसद है कि पुलिस थाने में गए हर व्यक्ति की सुनवाई हो। उन्होंने जघन्य अपराधों की प्रभावी तफ्तीश के लिए गठित यूनिट, महिलाओं से संबंधित अपराधों के त्वरित अनुसंधान के लिए प्रत्येक जिले में अलग से पुलिस उप अधीक्षक का पद सृजित करने जैसे उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रतिपक्ष को इनका स्वागत करना चाहिए।

राज्य के हिस्से में 17 हजार करोड़ की कटौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को केन्द्र से मिलने वाली हिस्सा राशि में हो रही कटौती चिंता का विषय बना हुआ है। इससे राज्य की विकास योजनाओं पर असर पड़ रहा है। केन्द्रीय करों में राजस्थान के हिस्से में वित्तीय वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय अंतरिम बजट में 10,362 करोड़ रुपए की कटौती की गई है। जीएसटी क्षतिपूर्ति की बकाया राशि 2,600 करोड़ और सीएसटी क्षतिपूर्ति की बकाया राशि 4,137 करोड़ रुपए मिलाकर केन्द्र ने कुल 17,099 करोड़ रुपए की कटौती राज्य के हिस्से में की है।

दे रहे हैं एक लाख 17 हजार नौकरियां
गहलोत ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था जिस गंभीर चिंता के दौर से गुजर रही है, उसमें युवाओं को रोजगार से जोडऩा हमारी प्राथमिकता है। हमारी सरकार एक साल से कुछ ही अधिक समय में 1,17,900 नौकरियां दे रही है। हमने अब तक 34,283 नियुक्तियां दे दी हैं, 34,527 के परीक्षा परिणाम जारी हो चुके हैं अथवा प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही 45,773 पदों की भर्ती के विज्ञापन जारी हो चुके हैं। शेष अन्य कारणों से लंबित हैं।