September 24, 2020

200 राउंड गोलियां चली थी पेंगोंग में?

  • मॉस्को में विदेश मंत्रियों की मुलाकात से पहले हुई थी घटना
  • रिपोर्ट में सामने आई जानकारी

नई दिल्ली, 16 सितम्बर (एजेंसी)। भारत-चीन के बीच पूर्व लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा में तनाव हर दिन बढ़ता जा रहा है। इस हालात में भी दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर जारी है। इस बीच एलएसी पर फायरिंग को लेकर नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के मॉस्को में 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयंशकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी की मुलाकात से पहले पेंगोंग झील के उत्तरी किनारे के नजदीक दोनों सेनाओं में गोलीबारी हुई थी। एक अफसर के मुताबिक जिस जगह फिंगर-3 और फिंगर-4 का तल मिलता है, वहां दोनों पक्षों में 100-200 राउंड फायर किए गए। भारतीय मीडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि फायरिंग की घटनाएं उस दौरान हुईं, जब दोनों देशों की सेनाएं फिंगर इलाके में पकड़ मजबूत करने के लिए गश्त कर रही थीं। अब तक इस घटना के बारे में न तो चीन और न ही भारत की तरफ से कोई आधिकारिक बयान दिया गया है। इससे पहले चुशूल सेक्टर में हुई फायरिंग की घटना पर दोनों देशों में तनातनी हुई थी। अधिकारी का कहना है कि ताजा फायरिंग चुशूल में हुई फायरिंग से भी ज्यादा भीषण थी। अधिकारी ने बताया कि भारत और चीनी सेना के बीच एलएसी पर एक महीने में तीन बार फायरिंग की घटना हो चुकी है। अब तक सिर्फ चुशूल सेक्टर में हुई फायरिंग को लेकर ही दोनों देशों की ओर से आधिकारिक बयान आए है। अगस्त में मुकपरी में भी फायरिंग की घटना हुई थी, लेकिन उस बारे में कोई बयान नहीं आया। अब पेंगोंग के उत्तरी किनारे पर 100-200 राउंड फायर हुए हैं, मगर अब तक दोनों देशों में किसी ने भी कोई बयान नहीं दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने ये भी बताया कि पेंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फायरिंग कैसे शुरू हुई थी। सितंबर की शुरुआत में भारतीय सेना पेंगोंग सो के उत्तरी किनारे पर अपनी पोजिशन बदल रही थी।