October 23, 2020

552 मिलियन टन लाइम स्टोन के तीन ब्लॉकों की ई-ऑक्सन से नीलामी प्रक्रिया शुरू

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 2 अक्टूबर। राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग की ओर से विकसित तीन लाइम स्टोन ब्लॉक की ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो गई है। यह प्रक्रिया भारत सरकार के प्रधान खनिजों के नीलामी के ऑनलाइन पोर्टल एमएसटीसी पर 29 सितंबर प्रारंभ कर दी है। इसमें जैसलमेर के दो ब्लाकों और नागौर के एक लाइम स्टोन ब्लॉक की ई-ऑक्शन किया जाएगा। इस ई-नीलामी में देश-दुनिया में कहीं से भी कोई भी व्यक्ति हिस्सा ले सकेंगे। ई-ऑक्शन प्रक्रिया से देशी-विदेशी निवेशकों के हिस्सा लेने से प्रतिस्पर्धात्मक दरें प्राप्त होने की संभावना है।
गौरतलब है कि खान व पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने पिछले दिनों जानकारी दी थी, कि राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा जैसलमेर, नागौर और झुन्झुनूं में सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन के ब्लॉक विकसित होने से प्रदेश में बड़ी मात्रा में लाइम स्टोन का खनन होने के साथ ही सीमेंट क्षेत्र में बड़ा निवेश होगा। प्रदेश में राजस्व बढ़ेगा और रोजगार के बेहतर अवसर विकसित होंगे। भाया ने बताया कि यह लाइमस्टोन ब्लॉक्स प्रधान खनिज की श्रेणी के हैं। राज्य में खनिज संपदा के विपुल भण्डार उपलब्ध है। इससे स्थानीय स्तर पर भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। प्रदेश में नई सीमेंट इण्डस्ट्री के आने या पहले से काम कर रही सीमेंट कंपनियों द्वारा निवेश बढ़ाकर नए प्लांट लगाने से इन क्षेत्रों में विकास के नए अवसर विकसित होंगे।

जैसलेमेर व नागौर के लिए कवायद: खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार के पोर्टल पर जैसलमेर जिले में पारेवर बी 5.15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल और खींया॥ ए 3.04 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल ब्लॉक में लाइम स्टोन के खनन के लिए ई-ऑक्शन की प्रक्रिया शुरु की गई है। इसी तरह से नागौर जिले के खींमसर तहसील के टाडास-बेरास गांव के पास 4.23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के 4 जी॥ ए ब्लॉक में लाइम स्टोन के खनन के लिए ई-ऑक्शन प्रक्रिया शुरु की है। उन्होंने बताया कि तीनों ब्लॉकों के लिए 29 सितंबर से एमएसटीसी के पोर्टल पर टेण्डर डॉक्यूमेंट की बिक्री आरंभ कर दी है। उन्होंने बताया कि टेण्डर डॉक्यूमेंट की एमएसटीसी के पोर्टल पर 14 अक्टूबर तक बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि निविदादाता 3 नवंबर तक निविदा प्रस्तुत कर सकेंगे।

पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया: राज्य सरकार द्वारा तीनों ब्लॉकों की पारदर्शी व निष्पक्ष ई-ऑक्शन व्यवस्था से प्रतिस्पर्धात्मक राशि प्राप्त होने की संभावना के साथ ही देश-विदेश के निवेशकों के हिस्सा लेने से प्रदेश को अधिक राजस्व प्राप्त हो सकेगा। तीन ब्लॉकों में से दो ब्लॉक जैसलमेर जिले में पारेवर बी 5.15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल का है वहीं जैसलमेर में ही खींया॥ ए 3.04 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल का है। उन्होंने बताया कि इनमें क्रमश: 167.58 और 178.20 मीलियन टन सीमेंट ग्रेड लाइमस्टोन खनिज के भण्डार होने की संभावना है।
नागौर के खींमसर तहसील के टाडास-बेरास गांव के पास 4.23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के 4 जी ॥ ए ब्लॉक में 207.06 मीलियन टन सीमेंट ग्रेड लाइमस्टोन के भण्डार होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 15.20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल क तीनों ब्लॉकों में 552.84 मिलियन टन भण्डार होने की संभावना है। निदेशक माइन्स केबी पाण्ड्या ने बताया कि तीनों ब्लॉकों के संबंध में विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट पर देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि आवश्यक जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर भी उपलब्ध है।