September 21, 2020

75% भारतीय मांसपेशियों के दर्द से परेशान

कोविड-19 संक्रमण के इस दौर में दफ्तरों में काम करने वाले अधिकांश लोग फिलहाल घर से काम कर रहे हैं। एक अध्ययन के अनुसार 75 प्रतिशत भारतीय ऑफिस वर्कर्स को घर से कम्प्यूटर पर काम करने के कारण मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द से जूझ रहे हैं। अगर दिन में तीन बार स्ट्रेचिंग की जाए तो कम्प्यूटर वर्क करने वाले लोगों में होने वाले कलाई, पीठ, गर्दन और बांहों के दर्द से बचा जा सकता है।

दर्द क्यों होता है?
कनाडा की मॉन्कटन यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नैन्सी ब्लैक के अनुसार, जब आप लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़े या बैठे रहते हैं तो गुरुत्वाकर्षण बल आपकी पीठ की डिस्क पर दबाव डालता है। डिस्क पर पडऩे वाला यही दबाव कमर दर्द और नर्व से संबंधित समस्याओं के रूप में सामने आता है। ग्रेविटी रीढ की हड्डी पर दबाव डालती है। यह दबाव डिस्क के बीच पाए जाने वाले फ्लूइड को बाहर की ओर खींचता है। ब्लैक बताती हैं कि हर 40 मिनट में अगर आप 20 से 30 सेकंड का ब्रेक भी लेते हैं तो फ्लूइड अपनी वास्तविक स्थिति पर पहुंच जाता है। कुर्सी से खड़े होकर हल्की सी स्ट्रेचिंग करना या फिर किचन तक एक गिलास पानी लेने जाना भी इस मूवमेंट में शामिल है।

दिन में 3 बार करें स्ट्रेचिंग के सेट

कलाई मूवमेंट

  • खड़े होकर एक हाथ को सीधा कर लें। हथेली नीचे की तरफ रखें।
  • अब दूसरे हाथ से पहले वाले हाथ की उंगलियों को पकड़कर पीछे की तरफ ले जाएं। इन्हें तब तक मोड़ें जब तक खिंचाव न महसूस होने लगे। थोड़ी देर इसी स्थिति में रुकें। हाथ को वापस पुरानी स्थिति पर सीधा छोड़ दें।
  • अब पहले वाले हाथ को सीधा रखते हुए दूसरे हाथ से उंगलियों और पंजे को नीचे की तरफ ले जाएं। ऐसा ही दूसरे हाथ में करें।

कंधों की एक्सरसाइज
सीधे खड़े हो जाएं। अब धीरे-धीरे अपने कंधों को ऊपर की ओर कान की तरफ ले जाएं। 3 से 5 सेकंड तक इस स्थिति में रुकें। फिर उन्हें धीरे-धीरे वापस नीचे ले आएं। इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं।

पीठ और सीने की स्ट्रेचिंग
दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर हाथ सिर के पीछे ले जाएं। अब हाथों को इस तरह पीछे की तरफ मोड़े की दोनों कंधे आपस में टकरा जाएं। कंधों पर दबाव डालते हुए 5 से 6 सेकंड रुकें। लंबी सांस लें और कंधों को ढीला छोड़ दें। इसे एक बार फिर से दोहराएं।