Wed. Sep 18th, 2019

प्रेग्नेंसी के बाद थुलथुले पेट व कमर को टोन करेंगी ये 5 आसान एक्सरसाइज

मां बनने का एहसास हर महिला के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। काफी दर्द सहने के बाद वह अपने बच्चे को जन्म देती है, इस पुरी प्रक्रिया के बाद महिला में काफी शारीरिक बदलाव भी आते हैं, जिसमें से एक है, थुलथुला पेट। 9 महीने तक बच्चे को अपने गर्भ में रखने के बाद डिलीवरी के बाद महिलाओं में थुलथला पेट होना एक आम समस्या है। यदि डिलीवरी नॉर्मल ना हुई हो, तो कुछ महिलाओं का पेट भी बाहर निकल जाता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद आपकी बॉडी भद्दी दिखने लगती है, जिसकी वजह से आप अपनी पसंद के कपड़े नहीं पहन पाते। ऐसे में स्वस्थ व फिट रहने के लिए जरूरी है कि गर्भावस्था के बाद एक्सरसाइज को अपनी आदत में शामिल करें।
बहुत से लोगों को लगता है कि क्या गर्भावस्था के कुछ समय बाद ही एक्सरसाइज करना सुरक्षित है या नहीं? तो इसका जवाब है, हां। गर्भावस्था के बाद खुद को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज की जा सकती है लेकिन आप कुछ आसान व हल्की एक्सरसाइज ही इस दौरान करें। प्रेग्नेंसी के 5 से 6 हफ्ते तक आप पूरी तरह से आराम करें और मॉर्निंग व इवनिंग वॉक जरूर करें। लेकिन इसके बाद आप कुछ हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं, जो आपके बैली फैट या एक्सट्रा फैट को कम करने में मदद करेंगी। आइए जानते हैं, महिलाओं को गर्भावस्था के बाद कौन सी 5 एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।

ब्रिज पोज एक्सरसाइज
इस एक्सरसाइज को आप अपनी प्रेग्नेंसी के 6 हफ्ते बाद कर सकते हैं, यह आपके लिए सुरक्षित है। इस एक्सरसाइज की मदद से आप अपने को फिट रख सकते हैं साथ ही पीठ के दर्द को कम करने और गर्भाशय की मांसपेशियों को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। यदि डिलीवरी नॉर्मल ना हुई हो, तो एक बार डॉक्टर की सलाह भी जरूर ले लें।

  • इस एक्सरसाइज को करने के लिए आप जमीन पर योगा मैट बिछा लें और पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब आप अपने घुटनों को मोड़ते हुए, अपने पैरों को अपने हिप्स के पास लाएं और हाथों को कमर के पास रख लें।
  • अब अपनी एडिय़ों के बल पर अपने शरीर के नीचे के हिस्से को ऊपर उठाएं और केवल सिर को जमीन पर रहनें दें।
  • अब आप इस स्थिति में 1 मिनट तक रहने की कोशिश करें। ऐसा आप कम से कम 5 बार जरूर करें। इससे आपका पेट का एक्सट्रा फैट कम होगा और बॉडी टोन होगी।

हैड लिफ्ट एक्सरसाइज
हैड लिफ्ट एक्सरसाइज करने से प्रेग्नेंसी के थुलथुले पेट की एक्सट्रा चर्बी से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह आपके पीठ व कमर के दर्द में राहत पाने में भी मददगार है। इस एक्सरसाइज को डिलीवरी के लगभग 4 हफ्ते बाद किया जा सकता है।

  • एक्सरसाइज करने के लिए आप जमीन पर योगा मैट बिछा लें और पीठ के बल लेट जाएं, हाथों को कमर से सटाकर रखें।
  • अब आप अपने घुटनों को मोड़ लें और अपने पंजों को हिप्स से लगाएं।
  • इसके बाद आप गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए अपने सिर, गर्दन और कंधों को अपने घुटनों की तरफ ऊपर उठाएं।
  • कुछ सैकेंड के हलए रूकें और फिर धीरे-धीरे सांस भरते हुए, वापिस पहली जैसी स्थिति में आ जाएं।
  • इस एक्सरसाइज को आप रोजाना कम से कम 10-15 बार जरूर दोहराएं। इसके अलावा, सुबह के समय इसे करना बेहतर है।

क्रिस क्रॉस एक्सरसाइज
पेट की चर्बी को कम करने और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए आप इस एक्सरसाइज को जरूर करें। लेकिन आप इसे सामान्य डिलीवरी होने पर 6 हफ्ते बाद और सिजेरियन होने पर कम से कम 10 हफ्तों बाद ही करें।

  • सबसे पहले आप जमीन पर एक चटाई या योगा मैट बिछा लें और जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब आप अपने घुटनों को मोड़ते हुए पैरों को अपनी छाती की ओर ले जाएं।
  • अपने दोनों हाथों को मिला लें और अपने सिर के नीचे रखें। अब अपने बाएं घुटने को दाएं कंधे की ओर ले जाएं।
  • कुछ सैकेंड के लिए इसी अवस्था में रूकें और फिर यही प्रक्रिया अपने दूसरे पैर से दोहराएं। यानि कि दाएं घुटने को मोड़ते हुए बाएं कंधें की ओर ले जाएं।
  • आप इस एक्सरसाइज को रोज सुबह व शाम को कम से कम 10 बार कर सकते हैं।

कीगल एक्सरसाइज

  • कीगल एक्सरसाइज आपकी मूत्राशय की मांसपेशियों पर नियंत्रण और कसाव में सहायक है। यह गर्भाशय और छोटी आंत के लिए भी फायदेमंद होती है।
  • इस एक्सरसाइज के लिए आप पेल्विक पेशियों को 10 सैकेंड के लिए ऐसे रखें, जैसे कि आप पेशाब रोकने के लिए करते हैं।
  • इसके बाद आप इसे 10 सैकेंड के लिए ढ़ीला छोड़ दें और फिर दुबारा इसे पहले की तरह सिकोड़े।
  • ऐसा आप कम से कम 10 बार जरूर करें।

स्फिंक्स पोज एक्सरसाइज

  • इस एक्सरसाइज को आप डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद करें।
  • इसे करने के लिए आप योगा मैट लें और जमीन पर अपने पेट के बल लेट जाएं।
  • अब आप कुछ सैकेंड के लिए अपनी छाती को जमीन से कुछ इंच ऊपर उठाएं और फिर वापिस पहले वाली अवस्था में आ जाएं।
  • आप ऐसा शुरूआत में कम से कम 5 से 10 बार करें और फिर धीरे-धीरे इस एक्सरसाइज का समय बढ़ाएं।