October 23, 2020

डाइट कंट्रोल, कैलोरी काउंटिंग हर चीज़ का ध्यान रखेंगे ये फिटनेस गैजेट्स

बढ़ती बीमारियों ने काफी हद तक लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक बना दिया है। जहां वर्कआउट्स के लिए वो योगा इंस्ट्रक्टर, यूट्यूब्स का सहारा ले रहे हैं वहीं फिटनेस को पल-पल ट्रैक करने के लिए तरह-तरह से डिवाइसेज़ का। यही वजह है कि रोज़ नए गैजेट्स, डिवाइसेज़ या मोबाइल ऐप्लीकेशंस आने लगे हैं। तो आज हम ऐसे ही कुछ गैजेट्स के बारे में जानेंगे जिससे आप अपने हेल्थ को रख सकते हैं मेनटेन।

  • 1. फिटनेस ट्रैकर: स्विमिंग जैसे व्यायाम के साथ आम डिवाइस काम नहीं कर सकते। मोबाइल फोन को पानी के अंदर ले जाना मुश्किल है। इसलिए कई कंपनियों ने विशेष रूप से फिटनेस ट्रैकर बनाए हैं, जो पानी के अंदर खराब नहीं होते। ये वॉटर प्रूफ होते हैं और तैरने से होने वाली कैलरी काउंट करने में भी मददगार हैं।
  • 2. डाइट मीटर: डाइट पर नियंत्रण न रखा जाए तो फिटनेस को फैटनेस में बदलते देर नहीं लगती। मॉर्निंग वॉक या जॉगिंग के बाद गर्मागर्म आलू के परांठे खाने वाली आम भारतीय आबादी के लिए यह जरूरी है कि कोई उन्हें डाइट के लिए गाइडलाइंस दे। मार्केट में हर रोज ऐसे फिटनेस डिवाइस लॉन्च हो रहे हैं, जो सर्विंग साइज का भी जायजा लेंगे और बताएंगे कि कहां पर खाना रोक देना है। यूजर के लॉग इन करते ही ये एक-एक कौर की गणना करेंगे और बताएंगे कि क्या खाना ठीक है और क्या सेहत के लिए बुरा है।
  • 3. हार्ट रेट मॉनिटर: जैसा कि नाम से जाहिर है, यह डिवाइस खासतौर पर कार्डियो एक्सरसाइज करने वालों के लिए फायदेमंद है। ब्रिस्क वॉक, ट्रेडमिल या जॉगिंग में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। यह हार्ट और पल्स रेट बताता है और ब्लड प्रेशर पर भी अपनी पकड़ बनाए रखता है। इसे कलाई में पहना जाता है। यह हार्ट रेट के साथ ही वॉच का काम भी कर देता है। देखने में भी सुंदर लगता है।
  • 4. डिजिटल पीडोमीटर: दौडऩे, जॉगिंग करने या एक्सरसाइज करते समय इसे कमर पर पहना जाता है। यह कैलरी काउंट करता है। आजकल कई जिम इस डिवाइस का प्रयोग कर रहे हैं। यह एक्सरसाइज की स्पीड बताता है, साथ ही कैलरी बर्न चार्ट देता है। यह बताता है कि शरीर को कितनी कैलरी की जरूरत है। इससे डाइट को संतुलित रखने में मदद मिलती है। लक्ष्य पूरा होने पर यह अलार्म भी करता है, ताकि व्यक्ति अपनी एक्सरसाइज रोक सके।
  • 5. मोबाइल ऐप्लीकेशंस: ऐसे तमाम मोबाइल ऐप्स आ रहे हैं, जो फिटनेस ट्यूटोरियल्स से लेकर लाइव एक्सरसाइज़ेस और योग के गुर सिखा रहे हैं। ये मोबाइल डेटा के आधार पर एक्टिविटीज की गणना करते हैं।