September 27, 2020

कोरोना के डर से कहीं आप भी इस बीमारी के शिकार तो नहीं हैं

जानें-लक्षण और उपचार

कोरोनावायरस की वजह से लोगों के दिल में डर ने घर कर लिया है। लोगों पर ये एंग्जायटी इस कदर सवार है कि लोग हर वक्त अपने साथ बुरा होने के बारे में ही सोचते रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों को ये डर सताता है कि अगर उन्हें कोरोना हो गया तो वे वेंटिलेटर तक पहुंच जाएंगे। कोरोना के डर ने लोगों के दिल में ऐसे घर कर लिया है कि लोग हर बीमारी में अब कोरोना को ही तलाशते रहते हैं। ये डर कुछ और नहीं, बल्कि एंग्जायटी है, जिसने लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। कोरोना की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं तो डर होना स्वाभाविक भी है। लेकिन जब किसी व्यक्ति को हमेशा चिंता या डर में जीने की आदत पड जाए तो आगे चलकर यह मनोदशा एंग्जायटी डिसॉर्डर जैसी गंभीर समस्या में बदल सकती है। एंग्जायटी डिसॉर्डर से पीडि़त इंसान हमेशा बुरा होने के डर से भयभीत रहता है। उसके दिल में हमेशा बुरे ख्याल आते हैं। आप भी अगर जिंदगी की परेशानियों और हालात से डर रहे हैं तो संभल जाइए। ये डर आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। जानिए क्या है एंग्जायटी और इस परेशानी से आप कैसे निजात पा सकते हैं।

एंग्जायटी क्या है?
एंग्जायटी एक बहुत पुरानी बीमारी है, जिसे लोग हार्ट अटैक के साथ कंफ्यूज करते हैं। इस बीमारी के लक्षण भी हार्ट की बीमारी की तरह ही हैं। दिल के मरीज को चक्कर आना, घबराहट होना, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी होने जैसे लक्षण महसूस होते हैं। इसी तरह के लक्षण एंग्जायटी में भी महसूस होते हैं। श्वष्टत्र रिपोर्ट आने के बाद ये क्लीयर हो जाता है कि ये कार्डियक परेशानी है या एंग्जायटी है। हमेशा अपने साथ बुरा होने की सोच रखना, बेवजह छोटी-छोटी बातों को लेकर डरना, हमेशा किसी ना किसी तरह की परेशानी में घिरे रहना एंग्जायटी डिसॉर्डर है। डर और परेशानी हालात के साथ होती है और हालात सुधरने पर वो खत्म भी हो जाती है। लेकिन लंबे समय तक डर के साथ रहना एंग्जायटी डिसॉर्डर है।

क्यों होती है ये परेशानी
मेट्रो सिटी में लोग बेहद व्यस्त रहते हैं। काम के दबाव की वजह से उनमें गुस्सा, चिड़चिड़ापन पनपने लगता है, जो इस बीमारी के लिए जिम्मेदार है। कोरोना की वजह से लोग इस बीमारी की गिरफ्त में ज्यादा आ रहे हैं। लोग अकेले हो गए हैं, लोगों से मिलना-जुलना खत्म हो गया है, जो एंग्जायटी डिसॉर्डर का बड़ा कारण है।

एंग्जायटी डिसॉर्डर से होने वाले नुकसान

  • इस बीमारी से पीडि़त इंसान का शरीर कमजोर पड़ जाता है
  • याददाश्त में लगातार कमी आती रहती है।
  • लगातार चिंता बनी रहती है।
  • एकाग्रता में कमी आ जाती है और आंखों के आगे हमेशा तैरते हुए बिंदु दिखाई देते हैं।
  • घबराहत डर और बेचैनी हमेशा रहती है।
  • नींद की कमी होना
  • डरावने सपने आना
  • कभी हाथ पैरों का ठंडा होना तो कभी बुखार की तरह गर्म महसूस होना
  • दिल की धड़कन का तेज होना और मांसपेशियों में तनाव होना
  • पेट दर्द की शिकायत होना

कैसे करें इस बीमारी से बचाव

  • कोरोनाकाल में इस बीमारी से बचना है तो आप सुबह-शाम 40 मिनट की सैर करें
  • कोशिश करें कि शिवआसन और प्राणायाम जरूर करें।
  • नियम निर्धारित करें।
  • समय पर सोएं और समय पर जागें। सुबह उठेंगे तो आधी परेशानियां अपने आप दूर हो जाएंगी।
  • कोरोना के डर को खत्म करने की कोशिश करें
  • कोरोना से सभी लोग नहीं मरते। कोरोना फियर से बाहर आइए।

(मनोविश्लेषक डॉ अरुणा ब्रूटा से बातचीत पर आधारित)