Fri. Apr 10th, 2020

कैसे किया जाता है कोरोना टेस्ट?

कोरोना वायरस जब से फैलना शुरू हुआ है, तब से भारत में कई रिपोर्ट्स आईं हैं जब इससे संक्रमित लोग अस्पताल से भाग गए हों। यहां तक कि कई लोग ऐसे भी हैं जो टेस्ट कराने अस्पताल तो पहुंचते हैं, लेकिन टेस्ट होने से पहले ही भाग जाते हैं। सभी लोगों के दिलों में घबराहट होना जायज़ है, लेकिन इससे भागना इस बीमारी का हल नहीं है, बल्कि ज़्यादा ख़तरनाक है। इसका इलाज न कराकर न सिर्फ आप अपनी जान जोखिम में डालते हैं बल्कि आपके परिवार और आसपास के लोगों के भी जान ख़तरे में आ जाती है। तो आइए जानें कि कोरोना वायरस जैसे लक्षण होने पर किस तरह के टेस्ट किए जाते हैं?

टेस्ट में क्या होता है?
एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है या नहीं ये उसके यूरिन या फिर खून के नमूने से पता नहीं लगता। इसके टेस्ट का तरीके में आपको थोड़ा असहज महसूस हो सकता है, लेकिन ये टेस्ट आसान है और जल्दी ख़त्म हो जाता है। इसमें आपकी नाक में एक लंबी क्यू-टिप को घुसाया जाता है और बलगम को टेस्ट के लिए लिया जाता है। ऐसा ही टेस्ट के लिए गले से बलगम के नमूने भी लिए जाते हैं। इस दौरान आपको सिर्फ शांत रहना है, इस टेस्ट में 10-15 सेकेंड से ज़्यादा देर नहीं लगती। आपकी नाक और गले से लिए गए नमूनो को एक साफ कंटेनर में रखकर सीधे लैब भेज दिया जाता है।

नतीजे आने में कितना समय लगता है?
टेस्ट कराने से पहले, आपके लक्षणों की कई बार जांच भी होगी। एक बार टेस्ट हो जाने के बाद, आपको आपकी यात्रा इतिहास के आधार पर, मौके पर भर्ती होने के लिए भी कहा जा सकता है। ऐसे में घबराने की ज़रूरत नहीं है, अपने दिमाग़ इस बात के लिए तैयार रहें कि अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। इसलिए जब भी अस्पताल जाएं, अपने साथ अपना ज़रूरी सामान ज़रूर रख लें। हो सके तो बेडशीट, पानी और घर का खाना साथ पैक कर लें। टेस्ट के नतीजे आने में दो दिन लग सकते हैं और आपको तब तक शांति से इंतज़ार करना होगा। अस्पताल में रहते हुए घबराने या डरने की ज़रूरत नहीं है। आपके पास आपका मोबाइल होगा, जिससे आप अपने परिवार और दोस्तों से बातचीत कर सकते हैं। अगर आपको भर्ती होने के लिए नहीं कहा गया, तो आप वापस घर लौट सकते हैं और नतीजों का इंतज़ार कर सकते हैं। इसलिए जब भी आपको फ्लू या कोरोना वायरस जैसे लक्षण महसूस हों, घबराएं नहीं और फौरन नज़दीकी अस्पताल जाकर अपनी जांच कराएं। समय पर इलाज ही सबसे अच्छा बचाव है।