Fri. Apr 10th, 2020

डर भगाने के लिए हर किसी को जानने चाहिए कोरोना से जुड़े ये फैक्ट्स

जंग किसी संक्रामक बीमारी से हो या किसी आर्मी से जबतक सभी एक दिशा में साथ मेहनत नहीं करते लड़ाई मुश्किल होती है। कोविड-19 के खिलाफ चल रही जंग को हमारा देश मात दे पाए इसलिए हम आपके लिए इस बीमारी और सार्स कोरोना वायरस-2 से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी लाने का प्रयास कर रहे हैं। यहां जानें, ऐसी ही जरूरी बातें जो आपको पता होनी चाहिए…

तेजी से फैलने की स्थिति
यह देखा गया कि जो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं, उनमें इस वायरस को फैलाने की गति सिंप्टम्स शो होने से पहले कहीं अधिक होती है। यानी वो हाइली कॉन्टेजियस होते हैं, उस स्थिति में जब उनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे होते हैं। और उनके जरिए यह वायरस बहुत तेजी से अन्य लोगों में फैलता चला जाता है।

इंफेक्शन के चांस खत्म
किसी व्यक्ति में कोविड-19 के सिंप्टम्स इस वायरस के उनकी बॉडी में एंट्री करने के 2 से 14 दिन के बीच नजर आते हैं। साथ ही यह भी देखा गया कि सिंप्टम्स आने के बाद 8 से 10 दिन तक व्यक्ति कॉन्टेजियस रहता है। इसके बाद उसके जरिए इंफेक्शन होने के चांस लगभग खत्म हो जाते हैं।

संक्रमण का अधिकतम फैलाव
अगर मान लिया जाए किं किसी व्यक्ति में 14वें दिन इस बीमारी के लक्षण नजर आए हैं और अगले 8 से 10 दिन वह व्यक्ति कॉन्टेजियस रहनेवाला है तो कुल मिलाकर एक संक्रमित व्यक्ति 22 से 24 दिन तक इस बीमारी को फैलाने की क्षमता रखता है।

शरीर में कोरोना की अवधि
एक अन्य स्टडी में यह बात सामने आई है कि यह वायरस एक व्यक्ति के शरीर में ज्यादातर 20 दिन रहता है जबकि कुछ केसेज में यह एक व्यक्ति के शरीर में 37 दिन तक भी पाया गया है। हालांकि ऐसे केस रेयर हैं।

मतलब 6+8=14 दिन
दुनियाभर में 14 दिन के क्वारंटाइन यानी एकांतवास के पीछे की कैल्कुलेशन यह है कि इस बीमारी के लक्षण आने में ज्यादातर मामलों में 6 दिन लगते हैं और अगले 8 दिन तक संक्रमित व्यक्ति घातक स्तर पर संक्रमण फैला सकता है। यानी बीमारी के लक्षण उजागर होने के पहले के 6 दिन और लक्षण उजागर होने के बाद के 8 दिन, मतलब 6+8=14 दिन।

शरीर में ऐंटिबॉडीज का बनना
हमारा शरीर इंफेक्शन होने के बाद करीब-करीब 6 से 12 दिन में ही इस वायरस के खिलाफ ऐंटिबॉडीज बनाना शुरू कर देता है, जिससे वायरस को खत्म किया जा सके। इन ऐंटिबॉडीज के बनने की वजह से ही किसी रोगी व्यक्ति के जरिए संक्रमण फैलने की क्षमता कम होने लगती है।

रीइंफेक्शन के चांस
जिनके अंदर एक बार इंफेक्शन हो जाता है और वे इससे रिकवर कर लेते हैं, उनके अंदर बहुत ही रेयर केस में रीइंफेक्शन के चांस होते हैं। ऐसे कुछ केस चीन में सामने आए हैं। इनकी दर टोटल संक्रमित केसेज की 0.2 पर्सेंट बताई जा रही है। हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स इसमें एरर होने की संभावना भी जता रहे हैं।

गर्मियों में उम्मीद
95 प्रतिशत पॉजिटिव केसेज में यह देखा गया है कि यह संक्रमण -2 डिग्री से लेकर 10 डिग्री सेल्सियस के बीच तेजी से फैला। इससे ऐसा लगता है कि यह वायरस ठंडे इलाकों में तेजी से फैलता है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि तेज गर्मी होने पर इस संक्रमण के फैलने की गति धीमी हो सकती है। जैसा कि फ्लू और कोल्ड में देखने को मिलता है।