October 28, 2020

IPRS ने पहली बार भारत में म्यूज़िक स्ट्रीमिंग सेवा प्रदान करने वाले प्लेटफ़ॉर्म, हंगामा म्यूज़िक के साथ लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए

  • 9यह समझौता निष्पक्ष तरीके से संगीत के कारोबार को बढ़ावा देता है, जिसका उद्देश्य मूल रचनाकारों को लाभ पहुंचाना है

Jaipur, 15 oct,2020! अक्टूबर महीने को निष्पक्ष व्यापार माह के रूप मान्यता दी गई है, और अक्टूबर 2020 की शुरुआत में द इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी लिमिटेड (ढ्ढक्कक्रस्) ने देश में म्यूज़िक स्ट्रीमिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़े प्लेटफ़ॉर्मों में से एक, हंगामा म्यूज़िक के साथ साझेदारी की है। ढ्ढक्कक्रस् ने पहली बार भारत में एक म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ एक बड़े लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी संगीत के क्षेत्र में निष्पक्ष तरीके से व्यवसाय का समर्थन करती है, ताकि लेखकों, संगीतकारों और सभी म्यूज़िक राइट्स धारकों के लिए वैल्यू-चेन को पारदर्शी और नीतिपरक बनाया जा सके। इस लाइसेंसिंग समझौते का मुख्य उद्देश्य यह है कि, संगीत के मूल रचनाकारों को उनके काम के लिए उचित मेहनताना मिले, साथ ही उन्हें अपने काम के अनुरूप उचित रॉयल्टी भी प्राप्त हो सके।

पिछले कुछ सालों के दौरान, गीत-संगीत को लोगों तक पहुंचाने और इसके समग्र रूप से विकास में म्यूज़िक स्ट्रीमिंग का सबसे बड़ा योगदान रहा है। डेलॉइट की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल भारत में ऑडियो एवं वीडियो ह्रञ्जञ्ज बाज़ार का अनुमानित मूल्य तकरीबन २८० मिलियन अमेरिकी डॉलर है। इसमें ऑडियो ह्रञ्जञ्ज बाज़ार का लगातार विकास हो रहा है, और हर महीने लगभग १५० मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्मों पर मौजूद लाखों साउंडट्रैक का आनंद लेते हैं।

ढ्ढक्कक्रस् के सीईओ, श्री राकेश निगम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “हंगामा म्यूज़िक के साथ इस समझौते को लेकर हम बेहद खुश एवं उत्साहित हैं, और सबसे बड़ी बात यह है कि हर महीने लगभग ८७ मिलियन उपयोगकर्ता हंगामा नेटवर्क के सभी प्लेटफ़ॉर्मों का इस्तेमाल करते हैं। वर्तमान में ह्रञ्जञ्ज बाज़ार में ऑडियो कंटेंट्स का उपयोग काफी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए इस क्षेत्र में कारोबार को सभी के लिए एक-समान बनाना अनिवार्य हो गया है, ताकि सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म संगीत रचनाकारों का सम्मान करें और उन्हंह उनके काम के लिए उचित मेहनताने का भुगतान करें। सब्सक्रिप्शन के रूप में जो लोग पैसे का भुगतान करते हैं, वह पैसा गीत-संगीत के मूल रचनाकारों को भी मिलना चाहिए। म्यूज़िक क्रिएटर्स को इस तरह पैसे का भुगतान करके हम उनके रचनात्मक कार्यों के प्रति सम्मान दिखाते हैं, साथ ही इसकी रचना में उन्होंने जो कड़ी मेहनत की है उसके लिए उन्हें उचित मेहनताना भी मिलता है। हंगामा म्यूज़िक के साथ इस लाइसेंसिंग समझौते के जरिए हम ऐसा कर सकते हैं। म्यूज़िक स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री से जुड़े दूसरे प्लेटफार्म भी अगर इस आंदोलन में भाग लेंगे, तो पिछले कई सालों से संगीत रचनाकारों के साथ हो रहे अनुचित व्यवहार को रोकने में हमें काफी मदद मिलेगी। इस तरह युवा प्रतिभाओं को भी संगीत को अपना करियर बनाने का प्रोत्साहन मिलेगा।ज्ज्

श्री निगम ने आगे कहा, च्च्निष्पक्ष तरीके से व्यापार का मतलब ऐसे व्यवसायों का समर्थन करना, उन्हें मान्यता देना और प्रोत्साहन देना है, जो सम्मान और पारदर्शिता के माध्यम से व्यवसाय को सभी के लिए एक-समान बनाना चाहते हैं। हम इस विषय पर जागरूकता फैलाना चाहते हैं कि संगीत का निष्पक्ष तरीके से व्यापार क्यों महत्वपूर्ण है, तथा इससे मूल रचनाकारों को कैसे मदद मिलेगी। ढ्ढक्कक्रस् में, हम लेखकों और रचनाकारों के अधिकारों और उनकी रचना की रक्षा करते हैं और यही बात हमें अनुकूल विक्रेता बनाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म एक अनुकूल खरीदार के रूप में दिलचस्पी दिखाएं। इससे न केवल ऐसे म्यूज़िक क्रिएटर्स को मदद मिलेगी जिन्हें अब तक कोई लाभ नहीं मिल पाया है, बल्कि इससे बड़े पैमाने पर संगीत समुदाय को भी मदद मिलेगी।”

हंगामा डिजिटल मीडिया के सीओओ, श्री सिद्धार्थ रॉय ने इस साझेदारी के बारे में बताते हुए कहा, च्च्हमें ढ्ढक्कक्रस् के साथ काम करके बेहद प्रसन्नता हो रही है, जो संगीत उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने वाला एक पंजीकृत कॉपीराइट संस्थान है। हम आशा करते हैं कि, इस साझेदारी के बाद संगीत उद्योग जगत में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।”