November 28, 2020

स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है इस बीमारी से बचना है तो उसके लक्षणों को जरूर पहचानें

स्ट्रोक ऐसी खतरनाक स्थिति है जिसका असर दिमाग और शरीर दोनों पर पड़ता है। स्ट्रोक मस्तिष्क के किसी हिस्से मे रक्त आपूर्ति रूक जाने या फिर मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाने को कहते हैं। स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जब मस्तिष्क तक रक्त पहुंचने में रूकावट होती है। इस स्थिति में ब्रेन टिशू में ऑक्सीजन और रक्त पहुंच नहीं पाता। ऑक्सीजन के बिना मस्तिष्क की कोशिकाएं और ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
पूरा शरीर हमारे दिमाग के इशारों पर ही चलता है, लेकिन अगर दिमाग पर ही आघात लगे तो शरीर भी काम नहीं कर पाता। इस बीमारी की वजह से हर साल पूरी दुनिया में लाखों लोगों की मौत होती है। ये बीमारी अचानक नहीं होती, जरूरत है इसके लक्षणों को पहचानने की। इस बीमारी से सबसे ज्यादा पुरुष पीडि़त होते हैं लेकिन मौत महिलाओं की ज्यादा होती है। न्यूरोलॉजिक डिसॉर्डर के चलते शरीर में कई लक्षणों को देखकर आप इस बीमारी का अंदाजा लगा सकते हैं। आइए जानते है कि कैसे वक्त से पहले स्ट्रोक के लक्षणों को पहचान कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।

स्ट्रोक का चेहरे पर असर
स्ट्रोक का सबसे बड़ा लक्षण है शरीर के किसी एक हिस्से में कमजोरी का होना। इसका असर खासकर चेहरे पर देखने को मिलता है। चेहरे का एक हिस्सा सुन्न पड़ सकता है। हंसने पर चेहरे अजीब सा दिखता है। कई बार मुंह तेड़ा भी हो जाता है।

हाथ का सुन्न पडऩा
किसी भी इनसान का हाथ लगातार सुन्न रहें, या हाथ में वीकनेस महसूस करें तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

स्पीच प्रोब्लम
स्ट्रोक एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। इस बीमारी की वजह से मरीज की बोलने की ताकत भी प्रभावित हो सकती है। किसी व्यक्ति को बोलने में दिक्कत हो रही है या वो शब्दों का सही उच्चारण नहीं कर पा रहा है तो ये स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।

आंखों पर असर
स्ट्रोक का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। इससे आंखों की रोशनी कम हो सकती है, या आंखों में धुंधलापन आ सकता है।

सिर दर्द और मांसपेशियों में दर्द
अगर आपको लगातार सिर दर्द, अचानक चक्कर आना या मांसपेशियों में दर्द रहे तो इसे नजऱअंदाज नहीं करें। ये दर्द किसी बड़ी परेशानी की निशानी हो सकता है।

इस बीमारी से बचाव कैसे करें
अगर आपको ब्लड प्रेशर या शुगर की परेशानी है तो समय-समय पर ब्लड शुगर टेस्ट करें। नशा और धूम्रपान से परहेज करें। यदि आप उच्च रक्तचाप, हृदयरोग, डाइबिटीज़ से पीडि़त है तो धूम्रपान से परहेज जरूरी है।