September 22, 2020

कम समय में तैयार होगी मूंग की पीला मोजेक प्रतिरोधी रोग नई किस्म

वैज्ञानिकों ने मूंग की नई किस्म विकसित की है जोकि पीला मोजेक रोग प्रतिरोधी है, साथ ही दूसरी किस्मों की तुलना में कम समय में तैयार भी हो जाती है। मूंग की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पीला मोजेक और सफेद मक्खी से होता है, इनकी वजह से उत्पादन पर काफी असर पड़ता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने मूंग की नई किस्म विकसित की है, जो पीला मोजेक रोग प्रतिरोधी है, साथ ही सफेद मक्खी भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मूंग की नई किस्म केएम 2342 (आजाद मूंग-1) विकसित की है। इसकी खेती जायद और खरीफ दोनों मौसम में की जा सकती है। इसपर कीट और रोग लगने का खतरा नहीं होगा।

60 दिन मेंं हो जाएगी फसल तैयार
मूंग की नई किस्म को विकसित करने वाले वैज्ञानिक डॉ. मनोज कटियार बताते हैं, ज्यादातर किसान जायद और खरीफ में मूंग की खेती करते हैं, जायद में तो फसल कम समय में तैयार हो जाती है, लेकिन खरीफ की फसल में 75 दिन का समय लग जाता है। लेकिन आजाद मूंग-1 जायद और खरीफ दोनों समय में कम समय, लगभग 60 दिनों में तैयार हो जाती है। इससे किसानों को दूसरी फसल बुवाई का सही समय मिल जाता है। मूंग की खेती में सबसे ज्यादा नुकसान पीला मोजेक बीमारी की वजह से होता है, ये बीमारी विषाणु की वजह से होता है। इसकी शुरूआत एक पौधे से होती है और धीरे-धीरे पूरे खेत को बर्बाद कर देता है। पीला मोजेक रोग सफेद मक्खी द्वारा फैलती है, मक्खी एक रोगग्रस्त पौधे की पत्ती पर बैठती है और मक्खी जब दूसरे पौधे पर बैठती है तो पूरे खेत में संक्रमण फैल जाता है।

अगले साल से मिलने लगेगा बीज
राजस्थान, मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में मूंग और उड़द की लगभग 65 लाख हेक्टेयर में खेती होती है। कृषि विवि शोध विभाग के निदेशक डॉ. हरज्ञान प्रकाश बताते हैं, इस किस्म से दूसरी किस्मों के मुकाबले उत्पादन भी ज्यादा मिलेगा। केएम 2342 की बुवाई से प्रति हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 12 क्विंटल मूंग का उत्पादन होगा। इसका रंग चमकदार हरा है। किसी भी मौसम में उगने की वजह से किसानों को फायदा मिलेगा। अभी तक इस नई किस्म का ट्रायल उत्तर प्रदेश के कई जिलों में किया जा चुका है, जिसके बेहतर परिणाम भी मिले हैं। इसको आईसीएआर से भी मंजूरी मिल गई, जल्द ही दूसरे प्रदेशों के लिए ट्रायल शुरू हो जाएगा। किसानों को मूंग की नई किस्म बीज जायद 2021 से मिलने लगेंगे, किसान चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर से फरवरी 2021 से बीज खरीद सकते हैं।