Fri. Apr 10th, 2020

डायबिटीज से पीडि़त व्यक्ति को है अलर्ट रहने की जरूरत

Young woman using wash hand sanitizer gel in the cafe.

कोरोना वायरस यानि कोविड 19 को लेकर विश्व में चारो तरफ लोग परेशान है, लेकिन इसमें सही हाईजिन और उचित मात्रा में खुद की देखभाल से इससे बचा जा सकता है। इस वाइरस के जीवाणु कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति को अपनी चपेट में आसानी से ले लेता है। इसमें कैंसर, डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीडि़त व्यक्ति को अधिक देखभाल करने की जरुरत है। इस बारें में चेन्नई के डॉ। मोहन डायबिटीज के डाईबेटोलोजिस्ट डॉ। वी मोहन का कहना है कि डायबिटीज के रोगी आसानी से कोविड -19 के वाइरस से पीडि़त हो जाते है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कुछ सावधानियां बरतने से इस रोग से अपने आप को रोका जा सकता है, जो निम्न है, अच्छी हाईजिन को बनाये रखें,जिसमें अपने हाथ को नियमित पानी, साबुन और सेनिटाईजर से धोएं, जिन्हें खांसी, जुकाम या बुखार है, उनसे दूर रहने की कोशिश करें, क्योंकि ये वाइरस ड्रापलेट्स इन्फेक्शन के अंतर्गत आता है, इसलिए कोरोना वाइरस से पीडि़त व्यक्ति अगर खांसता या छींकता है तो आपके नजदीक होने से ये वाइरस आपमें भी फ़ैल जाता है, अगर आपको इन्फेक्शन है, तो आप मास्क अवश्य पहने और घर पर रहकर आराम करें ताकि जीवाणु दूसरों तक न फैलें।
डायबिटीज के बीमार लोग अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखे, किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाती है, इतना ही नहीं अगर डायबिटीज का स्तर अन कंट्रोल्ड हो तो इन्फेक्शन और अधिक बढऩे का खतरा हो जाता है, लगातार ग्लूकोमीटर से ब्लड के ग्लूकोस लेवल को मोनिटर करते रहे, ब्लड शुगर लेवल अगर बहुत हाई हुआ तो डॉक्टर की सलाह से उसे तुरंत कंट्रोल करें।
टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज जिसमें शुगर लेवल बहुत हाई होने की सम्भावना रहती है, जिसमें केटोसिस या डायबेटिक केटोएसिडोसिस डेवेलोप होता है, हॉस्पिटल में एडमिट होने की जरुरत नहीं पड़ती , लेकिन इसका स्तर बढऩे पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। इसके अलावा इन्सुलिन की सुई को किसी के साथ शेयर न करें। डायबिटीज के सभी रोगी को कोविड-19 से बचने की जरुरत है और अगर आपको इन्फेक्शन हो गया है तो अपने परिवार के कांटेक्ट में भी न आये। डायबिटीज को अच्छी तरह से कंट्रोल में रखें और मेडिकल अटेंशन जितनी जल्दी हो, लेने की कोशिश करें।