Wed. Jan 16th, 2019

सहकारी समिति घोटालों से सकते में सरकार

कर्ज लेने वाले किसानों की सूची भवन के बाहर चस्पा

सांध्य ज्योति संवाददाता
जयपुर, 11 जनवरी। राज्य में सहकारी समितियों से लोन लेकर फजीर्वाड़ा करने का मामला सामने आने के बाद सकते में आई गहलोत सरकार ने आनन-फानन में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 2018 में कर्जमाफी योजना से लाभंावित हुए किसानों की सूची प्रदेश की सभी सहकारी समितियों पर चस्पा करने के आदेश दिए हैं। कई समितियों के बाहर सूची चस्पा हो चुकी है। इन सूचियों में किसान अपना नाम देखकर खुद सत्यापन कर रहे है।
डूंगरपुर में सबसे पहले सहकारी लोन फजीर्वाड़े का मामला सामने आया है। इसके बाद राज्य के कई और हिस्सों से भी इस तरह की शिकायत सामने आई है। इसके तहत फजीर्वाड़ा करने वालों ने विभिन्न किसानों के नाम पर लोन उठा लिया और कर्ज माफी होने पर पूरी रकम को डकार गए। अब इस मामले का खुलासा होने के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। कई जगह से शिकायत सामने आने के बाद सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने सूची को चस्पा करने के आदेश दिए। साथ ही राज्य में ऐसे मामलों की बारीकी से पड़ताल के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रथम के नेतृत्व में एक कमेटी भी बनाई गई है। ये कमेटी मामले की जांच में जुट गई है। सूत्रों का कहना है कि अकेले डूंगरपुर में ऐसे फर्जीवाड़े की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं वहीं राज्य के भरतपुर और चूरू में भी इस तरह का मामला सामने आ चुका है। हरकत में आए रजिस्ट्रार नीरज के.पवन ने बताया कि डूंगरपुर में 5 टीमें भेजी गई हैं। हर टीम मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है। वहीं, इस मामले में आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने किसानों की जमीन के दस्तावेजों का उपयोग करके फजीर्वाड़े को अंजाम दिया है। आपको बता दें कि 2018 में हुई किसान कर्जमाफी की जांच के दौरान इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें किसानों के विभिन्न दस्तावेजों का फर्जी तरीके से लोन उठाते हुए कर्जमाफी होने पर उसे डकार गए। जांच टीमों का मानना है कि इस मामले में अभी कई मामले और सामने आ सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इस मामले में तेजी से हरकत में आई सरकार अपने ऊपर किसी भी तरह का आरोप नहीं लगने देना चाहती है। यही वजह है कि मामले की जांच के लिए तुरंत टीम गठित करते हुए सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है।