August 14, 2020

चमकती और जवां त्वचा

पाने के लिए घर में ही करें ये योग

अब यह कोई सीक्रेट नहीं है कि योग शरीर के लिए जबरदस्त तरीके से काम करता है। यह न केवल आपके दिमाग और शरीर को तंदुरुस्त रखता है, बल्कि आपकी त्वचा की ग्लो को कायम रखने में भी सहायक है। सुंदर, स्वस्थ और दमकती त्वचा कौन नहीं चाहता! इसके लिए महिलाएं ब्यूटी प्रोडक्ट और ट्रीटमेंट पर हजारों रुपए खर्च करने को तैयार हैं। जबकि हेल्दी और ग्लोइंग त्वचा के लिए आपको सिर्फ इतना करना है कि अपनी दिनचर्या में कुछ दैनिक योग अभ्यास अवश्य जोड़ लें। रोज थोड़ा सा समय देने से निश्चित तौर पर आप सुंदर और हेल्दी त्वचा हासिल कर पाएंगी। जब हम योग का अभ्यास करते हैं, तो हमारे आंतरिक अंग सीधे उद्दीप्त होते हैं और उन्हें एक अच्छी मसाज भी मिलती है। इस तरह वे बेहतर काम कर पाते हैं और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में सहायक साबित होते हैं। जब चेहरे की मसल्स को शुद्ध ऑक्सीजन युक्त और ताजा ब्लड का सर्कुलेशन हासिल होता है तो यह आपकी त्वचा की चमक-दमक में सीधे तौर पर प्रतिबिंबित भी होता है। यहां दो ऐसे योगासन दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप हेल्दी, ग्लोइंग और जवां त्वचा पाने के लिए कर सकती हैं। इन योगासनों के बारे में हमें योग संस्थान के डायरेक्टर डॉक्टर हंसाजी जयदेव योगेंद्र जी बता रहे हैं।

धनुवक्रासन
यह आसन पेट के हिस्से पर बहुत प्रेशर डालता है, क्योंकि इस आसन को करने के दौरान पूरा शरीर नाभि के हिस्से पर संतुलन बनाकर रखता है। यह शरीर में किसी भी स्थान पर स्थिर ब्लड का प्रवाहमान बनाने में मदद करता है और शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम में भी सुधार करता है जो आपकी त्वचा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी है।

आसन करने का तरीका
इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।
अपने घुटनों से पैरों को मोड़ें और एडिय़ों को पकड़ें।
मेरूदंड को धनुषाकार बनाते हुए सांस लें और एक साथ सिर और पैरों को ऊपर उठाएं।
छह सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें और धीरे-धीरे विश्राम की मुद्रा में आएं।

योग मुद्रा
चूंकि आप इस आसन में आगे की ओर झुक रहे हैं, इसलिए इस मुद्रा में पेट की मसल्स पर एक अच्छा प्रेशर पड़ता है। इससे सिर की ओर ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है, जिससे त्वचा की अंदरूनी सतह भी ठीक हो जाती है।

आसन करने का तरीका
पद्मासन या सुखासन में बैठें और अपने हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं।
सांस छोड़ते हुए, आगे झुकें और अपने ललाट से जमीन को छूने का प्रयास करें।
छह सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें और सांस लेते हुए वापस पद्मासन या सुखासन की मुद्रा में आ जाएं।

प्राणायाम
इन आसनों के साथ आपको योगेंद्र प्राणायाम चतुर्थ यानी डायफ्रैग्मैटिक ब्रीदिंग का भी अभ्यास करना चाहिए, जिसमें पेट से सांस लेने का प्रयास किया जाता है। इससे आपके फेफड़े में ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजनयुक्त हवा भरती है, जिससे शरीर को कई लाभ मिलते हैं। इसीलिए एक्सपर्ट पेट से सांस लेने की क्रिया को ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। यह आपके शरीर में मौजूद ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है और इसकी गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है।

प्राणायाम करने का तरीका
पीठ के बल आराम से लेट जाएं।
आराम से घुटनों को मोड़ लें और अपने एक हाथ को नाभि पर हल्के से रखें।
धीरे-धीरे सांस लें, पूरी तरह और संपूर्ण सांस लें ताकि आपका डायाफ्राम आपके पेट को बाहर धकेल दें।
सांस छोड़ते हुए, पेट को वापस नीचे आने दें।
ध्यान रहे, सांस लेना और सांस छोडऩा बराबर रहें।
लगभग 5-10 राउंड के लिए लगातार अभ्यास करें।
यौगिक स्वच्छता का ख्याल रखें
गर्म पानी में भीगे एक तौलिये को 5-10 मिनट के लिए अपने चेहरे पर रखें, इससे त्वचा के पोर्स को साफ करने और उन्हें खोलने में मदद मिलती है।
डेड त्वचा को शरीर से साफ करने के लिए एक मोटे तौलिये के साथ अपने शरीर को रगड़ें।
जल नेति क्रिया करें।
अपनी श्वास नलिकाओं को साफ करने और स्वस्थ और चमकती त्वचा पाने के लिए नियमित तौर पर स्टीम लेते रहें।
सूर्योदय के दौरान 15 मिनट का सनबाथ लें, जब सूरज बस उगा ही हो। उस दौरान आने वाली किरणें अपने शरीर के भीतर लें, जैसे ही किरणें आपके शरीर में प्रवेश करती हैं, आप स्फूर्तिवान महसूस करने लगती हैं।